नारी शक्ति वंदन पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

Mon 13-Apr-2026,05:34 PM IST +05:30

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नारी शक्ति वंदन पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर Modi-Nari-Shakti-Vandan-Speech
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक बताते हुए महिलाओं की संसद और विधानसभाओं में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

  • पंचायती राज से लेकर स्टार्टअप तक महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित कर उन्हें नीति निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण को देश के भविष्य के लिए निर्णायक बताया। उन्होंने कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने जा रहा है, जो नारी शक्ति को समर्पित है। इस अवसर पर उन्होंने जलियांवाला बाग के शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और देशभर में मनाए जा रहे नववर्ष और बैसाखी की शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को विधानसभाओं और संसद में उचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने याद दिलाया कि यह अधिनियम 2023 में नए संसद भवन में सर्वसम्मति से पारित हुआ था और अब इसे समयबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की कार्यशैली का अहम हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक समतामूलक समाज का निर्माण तभी संभव है, जब महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान अवसर मिले।

उन्होंने देशभर की महिलाओं में इस मुद्दे को लेकर बढ़ते उत्साह की सराहना की और उन्हें इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने महिलाओं से अपने सांसदों से संवाद करने और अपने विचार साझा करने का आह्वान किया, ताकि नीति निर्माण में उनकी भूमिका और मजबूत हो सके।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान निर्माण तक महिलाओं के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि आज भारत में महिलाएं राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री जैसे शीर्ष पदों पर आसीन हैं और हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।

प्रधानमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि देशभर में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और कई राज्यों में उनकी भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

उन्होंने कहा कि महिला भागीदारी बढ़ने से शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता आई है, खासकर जल, स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। जल जीवन मिशन जैसे कार्यक्रमों की सफलता में महिलाओं की भूमिका को उन्होंने विशेष रूप से सराहा।

प्रधानमंत्री ने सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर महिलाओं के नाम पर पंजीकृत किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिल रही है। साथ ही जनधन योजना और मुद्रा योजना के जरिए महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान की गई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और बड़ी संख्या में महिलाएं उद्यमिता की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने स्किल इंडिया मिशन और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों का भी जिक्र किया, जो महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बना रही हैं।

महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि न्याय प्रणाली को अधिक संवेदनशील बनाने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए कई सुधार किए गए हैं।

अंत में प्रधानमंत्री ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व को देश के हर कोने तक पहुंचाएं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।